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अस जो विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: दोपहर 1 बजे तक असम में 59.63%, केरल में 49.70% और पुडुचेरी में 56.83% मतदान – जागरण

असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान प्रक्रिया सुबह से जारी है। दोपहर एक बजे तक वोटिंग के आंकड़े जारी किए गए हैं, जिनमें असम में 59.63%, केरल में 49.70% और पुडुचेरी में 56.83% मतदान दर्ज किया गया है। ये आंकड़े चुनाव में बढ़ती जनभागीदारी को दर्शाते हैं और सभी पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं।

असम में मतदान प्रतिशत हर बार चर्चा का विषय रहता है, लेकिन इस बार की voter turnout पिछले चुनावों की तुलना में बेहतर माना जा रहा है। राज्य की राजनीतिक लड़ाई विशेष रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच तीव्र है, जिनकी नजरें सत्ता पर काबिज होने की हैं। असम के मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग समझदारी से कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक समीकरणों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

केरल में भी मतदान की गति काफी अच्छी है। राज्य की जनसंख्या काफी सजग और जागरूक मानी जाती है, जिसकी वजह से वहाँ वोटिंग प्रतिशत हमेशा प्रभावित करता है। स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य में विकास और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर आम जनता में गहरा रूझान देखने को मिल रहा है।

पुडुचेरी में लगभग 57% से अधिक वोटिंग हुई है, जो चुनी जाने वाली सरकार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। पुडुचेरी के मतदाता भी बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं ताकि भविष्य की सरकार उनकी उम्मीदों को पूरा कर सके।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने मतदाताओं से अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की है। उन्होंने यह संदेश दिया है कि मतदान करना केवल एक लोकतांत्रिक अधिकार ही नहीं बल्कि कर्तव्य भी है। यह वोटिंग न केवल वर्तमान सरकार की स्थिरता के लिए जरूरी है, बल्कि लोकतंत्र के मज़बूत होने के लिए भी आवश्यक है।

इस चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार-प्रसार को अंतिम मोड़ पर तेज कर दिया है। चुनाव आयोग ने भी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कड़ा इंतजाम किया है ताकि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। चुनाव पूर्व निगरानी एजेंसियाँ भी कटाक्षों और संभावित गड़बड़ियों पर नजर बनाए हुए हैं।

अगले कुछ घंटों में अंतिम मतदान प्रतिशत सामने आएगा, जो इस चुनाव में वाकई कितनी जनता ने अपनी भागीदारी दिखाई है, यह स्पष्ट करेगा। वोटों की गिनती के बाद राजनीतिक परिदृश्य में कुछ बड़े बदलाव संभव हैं, इसलिए चुनावी नतीजों पर सबका ध्यान बना हुआ है।

यह चुनाव न सिर्फ तीन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों का फैसला करेगा, बल्कि देश की राजनीति की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए मतदान करने वाले हर मतदाता की भागीदारी महत्वपूर्ण है और चुनाव आयोग ने इसे सुनिश्चित करने के लिए तमाम इंतजाम किए हैं।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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