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ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती में बड़ा फैसला: अब सिर्फ केंद्र सरकार के नियम होंगे मान्य, राज्य सरकार के अनुभव नियम रद्द—लखनऊ हाईकोर्ट

ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती- राज्य सरकार के नियम रद्द:अब सिर्फ केंद्र सरकार के योग्यता नियम होंगे मान्य, लखनऊ हाईकोर्ट का फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ खंडपीठ ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती से जुड़ा एक अहम फैसला सुनाया है, जो उत्तर प्रदेश के भर्ती नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने यूपी लोक सेवा आयोग और अभ्यर्थियों की याचिकाओं के मद्देनजर यह निर्णय दिया है कि अब इस पद के लिए केवल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित योग्यता मानदंडों को ही मान्यता दी जाएगी।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग राजपत्रित अधिकारी (औषधियां) सेवा (तृतीय संशोधन) नियम, 2015 के मुताबिक ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए अतिरिक्त अनुभव की शर्तें लागू करना गैरकानूनी है। इन राज्य सरकार के नियमों को रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 जो केंद्र सरकार के अधीन हैं, वे ही इस क्षेत्र के लिए मूल और सर्वोच्च नियम हैं।

कोर्ट ने ‘डॉक्ट्रिन ऑफ ऑक्यूपाइड फील्ड’ का हवाला देते हुए यह बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर की नियुक्ति संबंधी नियम केवल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं क्योंकि यह विषय पूरी तरह से केंद्रीय शासन के अंतर्गत आता है। राज्य सरकार द्वारा बनाए गए कोई भी नियम यदि केंद्रीय कानून से विपरीत हों, तो उन्हें अमान्य माना जाएगा।

इस फैसले के साथ ही न्यायालय ने पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों को हटाने से भी मना कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों को पहले से नियुक्ति मिली है और जो मौजूदा केंद्र सरकार के बनाए नियमों के अनुसार योग्य हैं, उन्हें सेवा से हटाना उचित नहीं होगा।

भविष्य की भर्तियों को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट की मान्यता देते हुए, न्यायालय ने निर्देश दिए कि आगे से सभी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार ही पूरी हों। इसके साथ कोर्ट ने उन याचिकाकर्ताओं के लिए उम्मीद भी जगाई जो पिछली भर्तियों में शामिल नहीं हो पाए थे, उन्हें आगामी 2025 की चयन प्रक्रिया में आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा।

यह निर्णय राज्य सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि क्षेत्रीय नियमों से ऊपर केंद्र सरकार के निर्धारित कानून और मानदंड ही सर्वोपरि हैं, खासकर जब वह विषय केंद्र शासित क्षेत्र के अंतर्गत आता हो। इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और एकरूपता बरकरार रखने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय न केवल भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि अभ्यर्थियों के हक और अधिकारों की रक्षा भी करेगा, जिससे भर्ती में किसी भी तरह की मनमानी या असमानता पर अंकुश लगेगा।

उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं औषधि विभाग ने अभी इस फैसले के संबंध में प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन माना जा रहा है कि यह आदेश राज्य सरकार की भर्ती नीतियों में बदलाव का संकेत है। भविष्य में राज्य की सभी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती में केंद्र सरकार के नियम अनिवार्य रूप से लागू होंगे और राज्य सरकार द्वारा कोई अतिरिक्त योग्यता मांगना संभव नहीं होगा।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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