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रायबरेली जेल में निःशुल्क नेत्र और ईएनटी शिविर का सफल आयोजन: 200 से अधिक बंदियों का परीक्षण, दवा व चश्मा वितरण

रायबरेली जेल में निःशुल्क नेत्र-ईएनटी शिविर का आयोजन:200 से अधिक बंदियों का परीक्षण, दवा और चश्मा वितरित

रायबरेली, प्रथम अप्रैलः रविवार को रायबरेली जिला कारागार में निःशुल्क नेत्र, ईएनटी एवं समग्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 200 से अधिक बंदियों का परीक्षण एवं परामर्श किया गया। इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन मातृभूमि सेवा मिशन धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र, हरियाणा की रायबरेली इकाई ने बिमटेक पुस्तकालय एवं वाचनालय में संपन्न कराया।

शिविर के दौरान बंदियों को विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा समर्पित परामर्श प्रदान किए गए। चिकित्सकों ने नेत्र एवं श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं की जांच के अलावा समग्र स्वास्थ्य का भी आकलन किया। परीक्षण उपरांत निःशुल्क दवा वितरण के साथ-साथ जो बंदी दृष्टिहीनता से पीड़ित थे, उन्हें चश्मे भी उपलब्ध कराए गए।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की प्रेरणा मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्रा ने दी, वहीं जेल अधीक्षक प्रभात सिंह और जेलर हिमांशु रौतेला के मार्गदर्शन में यह शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जेल प्रशासन ने बंदियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि ऐसे पहल से उनकी तंदुरुस्ती और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होती है।

जेल अधीक्षक प्रभात सिंह ने कहा, “हमारा प्रयास है कि बंदियों को हर संभव स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों ताकि उनकी पुनर्वास प्रक्रिया सुगम हो सके।” वहीं जेलर हिमांशु रौतेला ने कहा, “यह प्रयास बंदियों के कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है जो समाज के प्रति नैतिक दायित्व का हिस्सा है।”

नेत्र विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी ने भी जोर दिया कि नेत्र जांच समय पर कराना अत्यंत आवश्यक है ताकि दृष्टि संबंधी बीमारियों को गंभीर रूप न लेने दिया जाए। उन्होंने कहा कि नियमित स्क्रीनिंग से नेत्र रोगों की रोकथाम संभव है और बेहतर जीवनशैली सुनिश्चित की جا सकती है।

यह शिविर समाज में उपेक्षित एवं संवेदनशील वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की निरंतर कोशिश का उदाहरण है। मातृभूमि सेवा मिशन धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र जैसी गैर-सरकारी संस्थाएं ऐसे कार्यों के माध्यम से समाज सुधार में अहम भूमिका निभा रही हैं।

शिविर के अंत में बंदियों एवं जेल प्रबंधन दोनों ने इस पहल की उच्च सराहना की और भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। यह आयोजन यह स्पष्ट करता है कि जेल प्रशासन बंदियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रख रहा है, जो उनके पुनर्वास की दिशा में अहम कदम है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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