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ईरान युद्ध लाइव अपडेट: इज़राइल और लेबनान ने फिर से युद्धविराम पर सहमति जताई

Iran War Live Updates: Israel and Lebanon Agree to Renew Cease-Fire

वॉशिंगटन, 24 अप्रैल: दक्षिणी लेबनान में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया, हिज़्बुल्लाह और इज़राइल के बीच जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण पुल बनाने की कोशिश में, एक अमेरिकी मध्यस्थता में युद्धविराम की घोषणा हुई है। इस समझौते के तहत हिज़्बुल्लाह से “पूरी तरह से” गोलीबारी बंद करने का आग्रह किया गया है। वहीं, पिछले युद्धविराम के बावजूद सीमावर्ती क्षेत्रों में हिंसा की घटनाएं कम नहीं हुई हैं, जिससे क्षेत्र में स्थिरता को लेकर चिंता बनी हुई है।

यह समझौता इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए आया है कि लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हिज़्बुल्लाह की हरकतें ज्यादातर शांतिपूर्ण अवधि का पालन नहीं करती थीं। पिछले युद्धविराम की शर्तों की व्यापक उपेक्षा की वजह से दोनों पक्षों के बीच तनाव में निरंतर वृद्धि देखने को मिली है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह नया समझौता दो दशकों से अधिक समय से चले आ रहे संघर्षों को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकता है, यदि इसका समुचित पालन सुनिश्चित किया जाए। अमेरिकी अधिकारी इस समझौते को मध्य पूर्व में स्थिरता की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देख रहे हैं।

लेबनान के राजनीतिक विश्लेषक डॉक्टर मोहम्मद हसन बताते हैं, “हिज़्बुल्लाह और इज़राइल के बीच लगातार तनाव और बार-बार युद्धविराम की अनदेखी आने वाली चुनौतियों को बढ़ाती है। इस अमरीकी मध्यस्थता से अगर दोनों पक्ष शांति को प्राथमिकता दें, तो संघर्ष के संभावित बड़े पैमाने पर फैलने से बचा जा सकता है।”

इज़राइल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि वह अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, और हिज़्बुल्लाह की किसी भी आक्रामक गतिविधि का कड़ा जवाब देगा। वहीं, लेबनानी प्रधानमंत्री ने भी क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने का आह्वान किया है।

हालांकि, इस बीच, क्षेत्रीय विशेषज्ञ और सरकारी सूत्र यह भी मानते हैं कि इस युद्धविराम को सफलता पूर्वक लागू कराना बहुत चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि सीमा पार के पुराने संघर्ष, राजनीतिक और धार्मिक मतभेद, तथा मध्य पूर्व में बड़े भू-राजनीतिक हित इसमें बाधक तत्व साबित हो सकते हैं।

सामरिक नजरिये से देखा जाए तो इस समझौते का प्रभाव सिर्फ सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता में सहायक हो सकता है। यदि दोनों पक्ष इस पहल को गंभीरता से लें, तो हिंसा के दौर को समाप्त किया जा सकता है और क्षेत्र में लंबे समय तक शांति कायम रह सकती है।

अमेरिकी प्रशासन इस दिशा में किसी भी प्रकार की सहायता और निगरानी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि इस युद्धविराम का पूर्ण फल मिल सके। वर्तमान में सभी की निगाहें इस समझौते के सफल क्रियान्वयन पर टिकी हुई हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और मानवीय संकट को कम करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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