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आपातकाल के दौरान मेरे पिता 19 महीने भूमिगत रहे, याद करते हैं पी.वी.एन. माधव

My father stayed underground for 19 months during Emergency, recalls P.V.N. Madhav

भोपाल। मध्य प्रदेश के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पी.वी.एन. माधव ने अपने पिता के 19 महीने आपातकाल के दौरान भूमिगत रहने की बात याद की। यह उन्होंने अपने पिता की 92वीं जयंती पर आयोजित चौथे स्मरण व्याख्यान के दौरान साझा की। इस मौके पर उन्होंने उस दौर के राजनीतिक माहौल और चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की।

पी.वी.एन. माधव ने बताया कि आपातकाल के समय उनके पिता ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सक्षम नेतृत्व और अनुशासित तरीके से भूमिगत काम करना चुना। मंत्री और अन्य नेता राजनीतिक उत्पीड़न से बचने के लिए सक्रिय होकर जनता के बीच संदेश पहुंचाने में लगे रहे। इस दौरान वह परिवार से दूर एक कठिन परिस्थिति में हथियारबंद संघर्ष के बिना अपनी भूमिका निभाते रहे।

आपातकाल की अवधि में देश के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया, लेकिन माधव के पिता ने छुपकर शासन के गैरकानूनी आदेशों और प्रतिबंधों के विरोध में आवाज उठाने का प्रयास जारी रखा। उनके इस साहस और दृढ़ निश्चय को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने सलाम किया।

माधव ने कहा कि ऐसे संघर्ष ही लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करते हैं। स्मरण व्याख्यान का उद्देश्य युवा पीढ़ी को इस ऐतिहासिक दौर की समझ और उसके महत्व से अवगत कराना भी था। उन्होंने वर्तमान और भविष्य के नेताओं से अपील की कि वे सार्वजनिक हित में अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी और निष्ठा से करें।

कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी अपने अनुभव साझा करते हुए आपातकाल के दौरान हुए कठिन दौर पर चर्चा की। उन्होंने लोकतंत्र के प्रति अपनाए गए समर्पण और त्याग की महत्ता पर जोर दिया। यह अवसर मध्य प्रदेश भाजपा के इतिहास और मूल्यों को याद करने का भी था।

इस तरह के स्मरण व्याख्यान न केवल पुराने अनुभवों को संजोते हैं, बल्कि आने वाले समय में बेहतर लोकतांत्रिक नेतृत्व की नींव भी रखते हैं। पी.वी.एन. माधव का यह व्याख्यान आपातकाल की गंभीरता और फिर से ऐसी परिस्थितियों से बचाव के लिए आवश्यक सतर्कता को दर्शाता है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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