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मौजूदा हालात में तीस्ता जल साझेदारी समझौता पर विचार करें: बांग्लादेश की विदेश मंत्री ने भाजपा के बंगाल जीत के बाद कहा

Consider Teesta water sharing deal under ‘current circumstances’: Bangladesh FM post BJP’s Bengal win

कोलकाता। बंगाल में भाजपा की हालिया सफलता के बाद बांग्लादेश की विदेश मंत्री ने तीस्ता जल साझेदारी समझौते को लेकर नई उम्मीदों का इजहार किया है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर तीस्ता जल समझौते पर फिर से विचार किया जाना चाहिए। साथ ही बांग्लादेश की विदेश मंत्री ने चीन की आगामी यात्रा से पहले भी तीस्ता नदी के जल वितरण पर चर्चा होने की पुष्टि की है।

तीस्ता नदी के जल वितरण को लेकर लंबे समय से दोनों देशों के बीच बातचीत चलती रही है। इस बार बांग्लादेश ने जल विभाजन में अधिक हिस्सेदारी की मांग रखी है। देश का मानना है कि यदि समझौता सही मायनों में लागू होता है, तो यह क्षेत्रीय विकास और दोनों देशों के बीच रिश्तों को मजबूती देगा।

विदेश मंत्री ने अपने एक बयान में कहा, ‘ममता बनर्जी को तीस्ता जल वार्ताओं में बाधा माना गया है। हालांकि, नए राजनीतिक परिवर्तनों के बाद बातचीत के नए दरवाजे खुल सकते हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि बीजिंग यात्रा के दौरान तीस्ता जल साझा करने पर चीन से भी चर्चा होगी क्योंकि चीन के दखल के बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है।

बांग्लादेश की यह मांग है कि उन्हें तीस्ता नदी के जल का बड़ा हिस्सा दिया जाए ताकि इलाके में सिंचाई और जल संकट की समस्या को कम किया जा सके। पिछले वर्षों में जल संकट ने बांग्लादेश के कई क्षेत्रों को प्रभावित किया है। उन्हें विश्वास है कि भारत के साथ एक उचित समझौता दोनों देशों की पारस्परिक लाभदायक सम्बन्धों को आगे बढ़ाएगा।

भारत और बांग्लादेश के बीच जल संसाधनों को लेकर सौहार्दपूर्ण बातचीत हमेशा से ही क्षेत्रों के विकास और आर्थिक सहयोग के लिए आवश्यक रही है। राज्य सरकारों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने की संभावना से भी इस मसले पर सार्थक प्रगति की उम्मीद की जा रही है।

राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद बांग्लादेश की तरफ से यह स्पष्ट संकेत देने का प्रयास हुआ है कि वे नए राजनीतिक माहौल में सहयोग के लिए तत्पर हैं। विशेषज्ञों का भी मानना है कि स्थिति अनुकूल बनी तो दोनों देशों के बीच जल संसाधन साझाकरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सकारात्मक पहल संभव है।

अंततः तीस्ता जल समझौता दो पड़ोसी देशों के बीच मित्रता को और गहरा कर सकता है, अगर दोनों पक्ष इसे कटुता और राजनीतिक हितों से ऊपर रखकर सार्थक संवाद के लिए एक मंच बनाएंगे। आगामी समय में इन वार्ताओं का परिणाम क्षेत्र के स्थिरता और विकास के लिए निर्णायक सिद्ध होगा।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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