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मिसिंग मछुआरों की तलाश बंद; तीन सदस्यीय पैनल ने आंध्र प्रदेश सरकार को रिपोर्ट सौंपी

Search called off for missing fishermen; three-member panel submits report to A.P. government

आंध्र प्रदेश, 27 अप्रैल 2024: प्रशासनिक समिति ने बुधवार को यह सिफारिश की है कि लापता मछुआरों को मृत मान लिया जाए। चार दिन तक चली कड़ी तलाश के बावजूद, लापता मछुआरों या उनके जहाज के कोई भी अवशेष नहीं मिले हैं, जिससे आशंकाएं और बढ़ गई हैं। मंत्री ने इस मामले में प्रेस को बताया कि न तो समुद्र में जहाज की कोई भनक मिली है और न ही क्रु मेंबर के बारे में कोई सूचना उपलब्ध हो पाई है।

इस खोज अभियान में नौसेना, तटरक्षक बल और स्थानीय मछुआरा समुदाय ने भाग लिया, लेकिन तेज समुद्री हवाओं और खराब मौसम के कारण खोज कार्य प्रभावित रहा। मंत्री ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से चालक दल को ढूंढने का प्रयास कर रहा था, लेकिन सुरक्षित और विश्वसनीय सूचना न मिलने पर अब जोखिम को देखते हुए मृत घोषित करने का फैसला लिया गया है।

मंत्री ने आगे बताया कि तीन सदस्यीय पैनल ने विस्तार से घटना की जांच की है और उन्होंने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने बताया कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर यह मानना उचित होगा कि चालक दल और जहाज दोनों समुद्र में डूब गए हैं। प्रशासन इस कठिन समय में परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है और उनके पुनर्वास के लिए हर संभव मदद प्रदान करेगा।

स्थानीय मछुआरा संगठन के प्रतिनिधियों ने भी इस फैसले का समर्थन किया है और बताया कि समुद्र में दुर्घटना के बाद भी धीमी गति से मदद पहुंची, जिससे खोज नेगेटिव परिणाम के साथ समाप्त हुई। उन्होंने कहा कि जल्द ही नयी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने में सहायता हो सके।

सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और पुनर्स्थापन योजना की घोषणा की है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि इसी तरह की घटनाओं से निपटने के लिए तट सुरक्षा और बचाव प्रणालियों को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, समुद्री सुरक्षा मानकों का कड़ा पालन करने के निर्देश भी जारी किए जाएंगे।

यह मामला क्षेत्रीय स्तर पर मौजूदा समुद्री सुरक्षा उपायों पर प्रश्न चिन्ह भी लगाता है, जहां मछुआरों की सुरक्षा को लेकर निरंतर जागरूकता और प्रशिक्षण की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी सुधारों के साथ ही सतत निगरानी से हादसों की संभावना को कम किया जा सकता है।

अंत में, प्रशासन सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से इस त्रासदी से उबरने का प्रयास कर रहा है और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने का संकल्प ले चुका है।

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