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स्कैम विज्ञापनों से 7 अरब डॉलर की कमाई का दावा, मेटा की विज्ञापन नीति पर उठे गंभीर सवाल

मेनलो पार्क, कैलिफोर्निया (अमेरिका)

फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कंपनी स्कैम और प्रतिबंधित सामानों से जुड़े विज्ञापनों के जरिए हर साल अरबों डॉलर की कमाई कर रही है। वहीं, कंपनी ने सरकार के समक्ष यह स्वीकार किया कि कुछ विशेष प्रकार के कंटेंट को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए उसे भुगतान प्राप्त हुआ था।

रिपोर्ट के अनुसार, मेटा ने आंतरिक रूप से अनुमान लगाया था कि स्कैम और अवैध वस्तुओं से जुड़े विज्ञापनों से उसकी कुल वार्षिक आय का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा आता है। यह राशि करीब 7 अरब डॉलर बताई गई है। इस खुलासे के बाद कंपनी की विज्ञापन नीति और कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि उपयोगकर्ताओं द्वारा भेजी गई स्कैम संबंधी लगभग 96 प्रतिशत शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। यदि यह दावा सही साबित होता है तो इसका अर्थ होगा कि बड़ी संख्या में फर्जी विज्ञापन लंबे समय तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, फर्जी नौकरी के ऑफर, नकली ई-कॉमर्स वेबसाइट और प्रतिबंधित उत्पादों के विज्ञापन पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

हालांकि, मेटा लगातार यह कहता रहा है कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और मानव मॉडरेशन के माध्यम से फर्जी विज्ञापनों और धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए लगातार काम कर रहा है। कंपनी का दावा है कि वह नियमों का उल्लंघन करने वाले लाखों विज्ञापनों को नियमित रूप से हटाती है।

फिलहाल रिपोर्ट में किए गए दावों पर मेटा की ओर से विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो कंपनी को नियामक जांच और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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