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दर्जन से ऊपर शिकायत, थाने में एफआईआर और पुलिस को ही लिया कटघरे में

 

पुलिस ने किया खुलासा

शहडोल।।

समाचार पत्रों में प्रकाशित घटनाक्रम के संबंध में कतिपय समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से हीरालाल चौधरी निवासी बहेरहा थाना जयसिंहनगर से जयसिंहनगर थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी के विरूद्ध उसके एवं उसकी पत्नी से अभद्रता एवं मारपीट करने तथा उसके ऊपर मूत्रपात करने संबंधी खबरें प्रसारित की जा रही है। इस संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि पूर्व में हीरालाल के पिता के द्वारा हीरालाल के विरूद्ध गाली-गलौज, मारपीट करने एवं जान से खत्म करने की धमकी देने संबंधी की गई रिपोर्ट पर थाना जयसिंहनगर में दिनांक 19.06.2023 को अपराध क्र. 352/2023 धारा 294, 323, 506 भादवि पंजीबद्ध किया गया था जिसकी चालानी कार्यवाही हेतु पुलिस द्वारा हीरालाल चौधरी को थाना बुलाया गया था परंतु उसके न आने पर दिनांक 08.12.2023 को उसे पकड़कर माननीय न्यायालय प्रस्तुत किया गया था। आरोपी हीरालाल ने तथाकथित घटनाक्रम की शिकायत माननीय न्यायालय के समक्ष भी की थी परंतु उक्त शिकायत में भी उसने मूत्रपात करने संबंधी तथ्य नहीं लेख किये थे। आरोपी हीरालाल चौधरी आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति हैं एवं अनावश्यक तौर पर झूठी शिकायतें करने का आदी है जो कि अलग-अलग विभागों में अनावश्यक अनेकों झूठी शिकायतें करता रहता है। ग्राम पंचायत एवं अन्य विभाग में इसने लगभग 20 से अधिक शिकायतें की हुई हैं। साथ ही स्वयं एवं पत्नी के मोबाईल नंबर के माध्यम से सीएम हेल्पलाईन में लगभग 35 से ऊपर शिकायतें किया हुआ है। हीरालाल चौधरी के विरूद्ध थाना जयसिंहनगर में कुल 04 अपराध पंजीबद्ध हैं।

2021में भी कर चुका है षडयंत्र….

वर्ष 2021 में भी हीरालाल की मां की ओर से हीरालाल के विरूद्ध घरेलू हिस्सा-बांट को लेकर विवाद करने संबंध में कलेक्टर जिला शहडोल को शिकायत दी गई थी। हीरालाल चौधरी के विरूद्ध उसकी बड़ी माँ द्वारा भी इसी वर्ष रास्ता रोककर, गाली गलौज करने एवं जान से मारने की धमकी देने की पृथक-पृथक दो शिकायतों के आधार पर थाना जयसिंहनगर में दर्ज करायी जा चुकी हैं। पुलिस अधीक्षक शहडोल को प्रस्तुत आवेदन पत्र में हीरालाल चौधरी द्वारा प्रारंभ में मूत्रपात के तथ्य लेख नहीं किये गए थे। आवेदन पत्र के अवलोकन से यह प्रथमदृष्टया स्पष्ट हो रहा है कि मूत्रपात की बात मूल आवेदन में हस्ताक्षर के पश्चात् अलग पेन से लेख की गई है जो कि इस बात को इंगित करता है कि हीरालाल ने यह शिकायत किसी के बहकावे में आकर अलग से लेख की है। इस प्रकार अलग-अलग समय में हीरालाल के विरूद्ध उसकी माँ, उसके पिता एवं उसकी बड़ी माँ एवं बड़े पिता द्वारा विगत वर्षों में लगातार शिकायतें एवं अपराध पंजीबद्ध कराये गए हैं जिससे स्पष्ट होता है कि हीरालाल के आचरण-व्यवहार से उसके परिवारजन भी अत्यधिक परेशान रहते हैं। घटनाक्रम के संबंध में भी उसके द्वारा अब तक स्वयं के पक्ष में कोई भी साक्ष्य वीडियो, फोटो आदि प्रस्तुत नहीं किये गए है। प्रथमदृष्टया उसके विरूद्ध चालानी कार्यवाही करने से क्षुब्ध होकर पुलिस पर दबाव बनाने के उद्देश्य से यह शिकायत करना प्रतीत होता है। फिर भी उसके द्वारा प्रस्तुत की गई शिकायत को संज्ञान
में लेते हुए जांच की जा रही है। जांच उपरांत जांच निष्कर्ष के अनुसार अग्रिम कार्यवाही की जावेगी। हीरालाल चौधरी का आपराधिक रिकार्ड एवं उसकी माँ द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र संलग्न करने सबंध में कलक्टर जिला शहडोल को शिकायत दा गइ था। हीरालाल चौधरी के विरूद्ध उसकी बड़ी माँ द्वारा भी इसी वर्ष रास्ता रोककर, गाली गलौज करने एवं जान से मारने की धमकी देने की पृथक-पृथक दो शिकायतों के आधार पर थाना जयसिंहनगर में 2 F.I.R. दर्ज करायी जा चुकी है। पुलिस अधीक्षक शहडोल को प्रस्तुत आवेदन पत्र में हीरालाल चौधरी द्वारा प्रारंभ में मूत्रपात के तथ्य लेख नहीं किये गए थे। आवेदन पत्र के अवलोकन से यह प्रथमदृष्ट्या स्पष्ट हो रहा है कि मूत्रपात की बात मूल आवेदन में हस्ताक्षर के पश्चात् अलग पेन से लिखी गई है जो कि इस बात को इंगित करता है कि हीरालाल ने यह शिकायत किसी के बहकावे में आकर अलग से लेख की है। इस प्रकार अलग-अलग समय में हीरालाल के विरूद्ध उसकी माँ, उसके पिता एवं उसकी बड़ी माँ एवं बड़े पिता द्वारा विगत वर्षों में लगातार शिकायतें एवं अपराध पंजीबद्ध कराये गए हैं जिससे स्पष्ट होता है कि हीरालाल के आचरण-व्यवहार से उसके परिवारजन भी अत्यधिक परेशान रहते हैं। घटनाक्रम के संबंध में भी उसके द्वारा अब तक स्वयं के पक्ष में कोई भी साक्ष्य वीडियो, फोटो आदि प्रस्तुत नहीं किये गए है। प्रथमदृष्टया उसके विरूद्ध चालानी कार्यवाही करने से क्षुब्ध होकर पुलिस पर दबाव बनाने के उद्देश्य से यह शिकायत करना प्रतीत होता है। फिर भी उसके द्वारा प्रस्तुत की गई शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जांच की जा रही है। जांच उपरांत जांच निष्कर्ष के अनुसार अग्रिम कार्यवाही की जावेगी।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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