दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

परमाणु संलयन से मरकरी को सोने में बदलने के दावे में सात सावधानियां

परमाणु संलयन से मरकरी को सोने में बदलने के दावे में सात सावधानियां

जुलाई 2025 में arXiv रिसर्च रिपॉजिटरी पर अपलोड एक प्रीप्रिंट पेपर में मैराथन वैज्ञानिकों ने एक अद्भुत दावे का खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि परमाणु संलयन की मदद से मरकरी (पारा) को सोने में बदला जा सकता है, और यह प्रक्रिया लगभग हर गीगावाट (GW) थर्मल फ्यूजन पावर के लिए सालाना दो टन सोना उत्पादन कर सकती है।

इस खोज ने वैज्ञानिक जगत में उत्साह और आशंका दोनों को जन्म दिया है। हालांकि अगर यह दावा सच साबित होता है, तो यह न केवल सोने के भंडार पर बल्कि वैश्विक आर्थिक संरचना पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है। फ्यूजन पावर के क्षेत्र में यह एक क्रांतिकारी कदम माना जाएगा।

मैराथन वैज्ञानिकों ने अपने पेपर में बताया है कि परमाणु संलयन की प्रक्रिया में हाइड्रोजन के नाभिक को मिलाकर ऊर्जा उत्पन्न की जाती है, और इसी प्रक्रिया के दौरान मरकरी के परमाणु को बदला जा सकता है ताकि वह सोने के परमाणु में परिवर्तित हो जाए।

हालांकि इस दावे के साथ सात महत्वपूर्ण सावधानियां भी उल्लिखित की गई हैं, जो इस शोध को पूरी तरह सत्यापित और व्यावहारिक बनाने के लिए अनिवार्य हैं:

  • पहली सावधानी यह है कि प्रयोगशाला में पाए जाने वाले परिणाम औद्योगिक उत्पादन के लिए कितने पुनरावृत्ति योग्य होंगे।
  • दूसरी, इस प्रक्रिया में ऊर्जा की कुल लागत और स्थिरता का आकलन किया जाना जरूरी है।
  • तीसरी, सुरक्षित संचालन के नियम और हानिकारक प्रभावों को ध्यान में रखना।
  • चौथी, मरकरी और सोने के परमाणु संरचना के बीच अंतर को समझना।
  • पांचवीं, इस तकनीक के व्यापक स्तर पर उपयोग और नियंत्रण के लिए सरकारी नियम और सीमाएं।
  • छठी, प्रभावित होने वाले पर्यावरणीय और आर्थिक पहलुओं का अध्ययन।
  • सातवीं, वैज्ञानिक समुदाय से इस शोध पर व्यापक समीक्षा और सत्यापन।

इस शोध की पुष्टि के लिए विश्वभर में अतिरिक्त प्रयोग और परीक्षण हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्यूजन तकनीक को अगर व्यावहारिक और किफायती बनाया जा सके, तो यह नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा देने के साथ साथ कीमती धातुओं के उत्पादन के नए रास्ते भी खोल सकता है।

वर्तमान में, सोने की मांग विश्व भर में लगातार बढ़ रही है, जिसका उपयोग आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक, स्वास्थ्य सेवा और निवेश के क्षेत्र में होता है। अगर परमाणु संलयन द्वारा सोना उत्पादन संभव हुआ तो बाजार में इस धातु की आपूर्ति में भारी वृद्धि आ सकती है, जो उसके दामों को प्रभावित कर सकती है।

फिलहाल, यह शोध एक प्रारंभिक कदम है और इसे व्यावहारिक बनाने के लिए और अधिक वैज्ञानिक जांच तथा निवेश की आवश्यकता है। मैराथन वैज्ञानिकों का यह दावा हौसला बढ़ाने वाला है लेकिन इसे गंभीरता से और धैर्य के साथ देखा जाना चाहिए।

आखिरकार, वैज्ञानिक प्रगति की इस नई दिशा के प्रभाव विश्वभर के आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरणीय क्षेत्रों में गूंज सकती है। आने वाले समय में इस विषय पर और अधिक जानकारी और पुष्टि मिलने की संभावना है, जो मानव समाज के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Source

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!