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विभाग को ही धोखे में रख बनाया जा रहा था तहसील भवन,तहसीलदार ने चलाया विभाग का हंटर

 

चोरी की रेत से लिखी जा रही थी नए तहसील की इबारत

तहसीलदार ने चलाया अवैध उत्खन का हंटर

शाबिर और धर्मेंद्र हैं ठेकेदार

शहडोल।।जैतपुर

परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा चन्नौड़ी उप तहसील
राजस्व कार्यालय भवन का निर्माण मेसर्स एस के ब्रदर्स कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है जो एस्टीमेट के विपरीत कार्य हो रहे हैं जो विभागीय जांच का विषय है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके का निरीक्षण नहीं कर रहे हैं बल्कि ठेकेदार को मनचाहा कार्य करने के लिए खुली छूट दे दी गई है मौके में सूचना पटल भी अंकित नहीं किया गया है जिससे कि जानकारियां स्पष्ट हो सके इतने दिनों से निर्माण चल रहा है आखिर विभाग क्या कर रहा है?
अभी तक जो भी निर्माण कार्य हो चुके है इसमें कितनी चोरी की रेत खपाई गई है इसकी भी जांच होनी चाहिए।

अवैध उत्खनन की मनाही के बाद भी हो रहा उत्खनन

बीते 6 महीनों से नदियों में रेत उत्खनन व परिवहन की सख्त मनाही है हलाकि सरकारी गाइडलाईन की माने तो मानसून सत्र शुरू होते ही नदियों से रेत उत्खनन बन्द हो जाता है पर शहडोल जिले में अवैध उत्खनन व परिवहन माफियाओं के लिए मानो चरागाह बना गया हो और आलम ये रहा कि एक राजस्व विभाग के पटवारी तक को बलि चढ़ा दिया गया इस बर्बरता से मप्र में खूब हल्ला मचा किन्तु चुनाव के दौरान शासन निष्क्रिय था और सरकारी तंत्र किसी कार्यवाही की दशा में नही था जिससे कईयों के सिर में लगे छत बचा रहा।
रेत उत्खनन व परिवहन के लिए बुढार थाना अन्तर्गत ग्राम जरवाही का बटली घाट पूरे शबाब पर था ही किन्तु कलेक्टर की कार्यवाही के बाद अब रेत उत्खनन के ठिकाने बदल गए और बुढार के चिन्हित माफिया तंत्र कंसेड, पडखुरी, देवरी,हथगला ,जैतपुर की ओर रुख करने लगे हलाकि यहाँ भी उनका दाल नही गला और विभागों की कार्यवाही बदस्तूर जारी रहा।

यह है पूरा मामला

बुढार से जैतपुर जाने वाले मुख्यमार्ग में चननौडी ग्राम अन्तर्गत पीआईयू विभाग द्वारा नए तहसील का निर्माण कराया जा रहा है जो शाबिर खान नामक ठेकेदार द्वारा बनाया जा रहा है जिसमे अन्य सामग्रियों की गुणवत्ता तो दूर की बात निर्माण कार्य का आधारशिला ही विभाग को अंधेरे में रखकर किया जा रहा है निर्माण कार्य मे खपने वाले रेत की न ही कोई रॉयल्टी है और न कोई वैधानिक दस्तावेज और न ही निर्माण स्थल पर कार्य का कोई विवरण या यूं कहें कि निर्माण कार्य का कोई सूचना पटल भी मौके पर मौजूद नही हैं।

मीडिया टीम ने जगाया विभाग को विभाग की कार्यवाही..

निर्माण स्थल पर खपने वाला रेत आसपास के नदी-नालों से चोरी करके खपाया जा रहा है जो पडखुरी,हथगला,खरला के कंसेड व अन्य नालों से रोजाना चोरी करके लाया जा रहा है ताज्जुब की बात तो यह है कि इस खपे हुए रेत का बिलिंग कैसे होता है और विभाग इसे कैश बाउचर में स्वीकृति कैसे देता है। इस पूरे निर्माण कार्य की सूचना स्थानीय नायब तहसीलदार को दी गई जिसे नायब तहसीलदार ने संज्ञान में लेकर उसे जब्त कर कार्यवाही कर दी।

इनका कहना है।

नायब तहसीलदार चन्द्र सिंह मरावी ने कहा कि मेरे द्वारा स्थल परीक्षण किया गया है और उसमें 11 ट्रैक्टर और 33 घन मी0 के आसपास रेत पाया गया है जिसे जब्त कर खनिज विभाग को पत्र लिखकर राजस्व वसूला जाएगा।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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