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यहाँ नर्सों के भरोसे चलता है अस्पताल, डॉक्टर की राह तकते अस्वस्थ ग्रामीण

 

इमरजेंसी में फोन डॉक्टर की दौड़ से होता है उपचार

विनय मिश्रा की रिपोर्ट…

मप्र सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दर्जनों सुविधाओं के अलावा वैकल्पिक व्यवस्थाएँ तैयार की इसके लिए ग्राम स्तर पर मलेरिया,टायफाइड व अन्य प्राथमिक स्तर की बीमारियों की जाँच के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए ताकि ग्राम स्तर से लेकर शहर की चिकित्सीय व्यवस्था दुरुस्त होने के साँथ ही एक भी व्यक्ति बेइलाज न रहे किन्तु ग्राम में खुलने वाले उप स्वास्थ्य केंद्र के ताले चाभियों के राह तक रहे हैं तो कहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर ही नही हैं। हमारे अस्पतालों में चिकित्सक हों न हों विद्यालयों में शिक्षक हों न हों पर हम विश्व गुरु बनने की कल्पना रोज कर रहे हैं।

शहडोल।।झीकबिजुरी

शहडोल मुख्यालय से लगभग 70-80 किमी की दूरी पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झीकबिजुरी स्थित है इस केंद्र की खासियत यह है कि इसमें 30 से उपर ग्राम के रहवासियों की चिकित्सा व्यवस्था निर्भर है किंतु यहाँ पर डॉक्टर की अनुपलब्धता ग्राम सहित मप्र सरकार की चिकित्सा प्रणाली पर चिहार मार रहा है। झीकबिजुरी में प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था से लेकर आपातकालीन समस्या में मरीजों की स्वास्थ्य नर्सों के सहारे है।नर्स ही रोगी को देखती हैं नर्स ही दवाई देती हैं और डॉक्टर की पूर्ति करती हैं आज साल से ऊपर बीतने को है किंतु झीकबिजुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक डॉक्टर की नियुक्ति नही हो पाई।

जैतपुर में 5 दिन तो झीकबिजुरी में 2 दिन..

ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि जैतपुर काफी बड़ा क्षेत्र है और यहाँ एसडीएम कार्यालय से लेकर तहसील थाना व अन्य शासकीय परिसर हैं जैतपुर से लेकर झीकबिजुरी में एक बड़ा आदिवासी समूह रहता है जिनकी स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाने के लिए सरकार तमाम कदम उठा रही है किंतु धरातल पर अभी तक यह कदम खोखला साबित हो रहा है।
मानो यहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे खुद डॉक्टर की तलाश में हो यानि यहाँ एम्बुलेंस से लेकर अन्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाया जाएँ तो स्वास्थ्य विभाग खुद खाट पर लेटा नजर आता है। ऐसा हम इसलिए भी कह रहे हैं कि बीते कुछ महीनों पहले कभी कोई ग्रामीण अपने पुत्र को पीठ पर लादकर ले जाता दिखा तो कभी कोई प्रसव खाट में लेती दिखी तो कहीं ठेले पर एक पुत्र मां के शव को ढोते दिखा । जैतपुर से झीकबिजुरी में एक ही डॉक्टर पदस्थ है जिनकी ड्यूटी सप्ताह के दिनों में तय की गई है जैतपुर क्षेत्र में किसी तरह गुजर बसर हो ही जाता है किंतु झीकबिजुरी में डॉक्टर सिर्फ दो दिन ही सेवा दे पाते हैं जिससे यहाँ के ग्रामीणों की चिकित्सा व्यवस्था आए दिन प्रभावित होता है।
ग्रामीणों ने बताया कि यहाँ एक डॉक्टर अनिवार्य रूप से 24 घण्टे उपलब्ध हों ताकि ग्रामीणों की स्वास्थ्य व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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