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तो ग्रीन हेरिटेज ने बदल दिया टाँकी नाले का स्वरूप

 

 

तो ग्रीन हेरिटेज ने बदल दिया टाँकी नाले के स्वरूप को

शिकवा शिकायतों का दौर हुआ खत्म,जाँच-कार्यवाही सिफर

जिम्मेदारों ने मूँद ली आँखे

विराट धरा में नदियों और तालाबो का इतिहास प्राचीन काल से रहा है पाण्डव काल मे पांडवों ने अपने निर्वासन हेतु कूपों, तालाबों और झरनों का विहंगम,मनोरम दृष्ट बनाकर छोड़ गए किन्तु समय बदला और नई व्यवस्थाओं ने जन्म लिया। धीरे-धीरे तालाबों का शहर कहा जाने वाले इस विराट धरा से तालाब मलबों में तब्दील हो गए और उनके ऊपर पूंजीपतियों ने अपना व्यवसाय शुरू कर दिया और मालों और बिल्डिंगों की भरमार लगा दी ।
शहडोल।।
शहडोल जिले में राजस्व का मसला इतना पेचीदा है कि यहाँ मुख्यमंत्री के सामने ही न्याय न मिलने पर परिवार वालो ने एक पटवारी को लताड़ दिया खसरा कहीं का रकवा कहीं और तरमीम कहीं और हद तो तब हो गई जब राजस्व के निचले स्तर के इन जिम्मेदारों ने नदियों नालों भी यहाँ-वहाँ करके उद्योगपतियों के हाँथो बेंच दिया।

बदल गया टाँकी नाला का स्वरूप,जिम्मेदारों ने बेंच दिया उद्योगपतियों को

कभी अपने वृहद स्वरूप को लेकर कलकलाती बहने वाली टाँकी नाला आज अपने अस्तित्व की तलाश में है इस नाले का वजूद बढ़ते व्यवसायीकरण के कारण बदल गया और उसके आसपास पूंजीपतियों और बिल्डरों ने आज अपने होटल, रेस्तरां और फ्लैट बना लिया है कुछ तो इसमें बकायदे कालोनी बनाकर इसमे आज करोडों रुपये कमा रहे हैं।

डूब जाता था शहर आने-जाने वालों के थम जाते थे पहिए

शहडोल के इर्दगिर्द बहने वाले इस नाले के ऊपर ग्रीन हेरिटेज नामक बिल्डर ने इसके स्वरूप से छेड़छाड़ करके इसके बहाव को रोक दिया है और नाले पर आच्छादित सुंदर शैवालों पर “ग्रीन हेरिटेज” का बड़ा आशियाना बनाया जा रहा है।सूत्र बताते हैं कि इस पूरे मसले पर शिकवा-शिकायत हो चुकी हैं और जाँच कार्यवाही की कोरमपूर्ती भी हो चुकी है किंतु “ग्रीन हेरिटेज”ने सबको हरा कर दिया और इस हरियाली ने जिम्मेदारों के आंखों के सामने सब कुछ हरा-भरा कर दिया।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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