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शहडोल में रेत माफिया बेलगाम, प्रशासन बेजान”

शहडोल में रेत माफिया बेलगाम, प्रशासन बेजान”
नदियाँ खोदी जा रहीं, गाँव की सड़कें हो रही ध्वस्त… कार्रवाई सिर्फ दिखावे की!

शहडोल….(विनय मिश्रा)
जिले में अवैध रेत उत्खनन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में कस्बे के किसी थाने क्षेत्र में नजर उठाकर देख लिया जाए तो जिम्मेदारों और वर्दी की गश्ती खुद ब खुद बयाँ हो जाएगी।
कही यह काम रात के अंधेरे में जिम्मेदारों की मौन पेशगी के रूप में हो रहा है तो कहीं दिन के प्रहर में खुलेआम जिमेदारो की नजर के सामने।
मैनेजमेंट का यह फंडा गाड़ी नाम,नम्बर डग्गी,ट्रैक्टर, गाड़ी के खेप और बिचौलिए का अपना सेटिंग सिस्टम..के पैमाने पर निर्धारित होता है।
बुढ़ार के कंसेड-बटली घाट में बीते कुछ महीनो से यह खेल एक निश्चित दाम और सेटिंग के दम पर खामोश तरीके से चलाई जा रही है इस तरीके में अर्धरात्रि से अल सुबह यानी भोर होने से पहले तक यह पूरा खेल चलता है अवैध रेत उतखनन और परिवहन का यह गोरखधंधा सिर्फ बुढ़ार के बटली कंसेड घाट नही बल्कि केशवाही, हथगला,पडखुरी, निमूहा,चन्नौड़ी, हड़हा, नौखड़िया, कंचनपुर सरफा, धनपुरा, चौराडीह,सिंहपुर के तमाम इलाको में चल रहा है जहाँ माफियाओं की आमद देर रात तक रहती है यही नही इन माफियाओं के पास छोटे से बडे हथियार होते हैं जिससे वे वहाँ आने जाने वाले आम आदमी व जिम्मेदार अधिकारी को भी धमकी-घुड़की देने में भी नही कतराते।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना संरक्षण के इतना बड़ा गोरखधंधा संभव ही नहीं है। स्थानीय निवासियों ने नाम न आने की तर्ज पर विभाग के ड्राईवर का नाम लेते हुए बताया कि वसूली अभियान में हस्ताक्षर वही करता है किससे, कितना व कब लेना है और कितने खेप के हिसाब से लेना है यह पूरा काम वह ड्रायवर करता है।
उत्तखनन की इस कड़ी में नए साहब को भनक लगी उन्होंने बिना किसी से बताए गाड़ी पकड़ने की ठान ली गाड़ी पकड़कर साहब ले भी आए कुछ दिनों तक मामला बरसाती मेंढकों की तरह गुर्राता रहा पर जैसे ही नदी से बाढ़ और पानी का तेज बहाव, लहरें कम हुई इस कार्यवाई ने सेटिंग का रूप ले लिया। गाँव के ही कुछ लोगों ने बताया कि साहब को मनाने की कोशिश तो हुई पर वह मिठाई साहब के मन माफिक न था खैर जो भी हो एक बार फिर से कंसेड-बटली घाट में माफियाओं की गाड़ी गोली और हथियार साँथ में चलने लगी हैं।
हलाकि नवरात्र बैठकी में इस अवैध काम की हरी झंडी मिलना भी लाजमी है जहाँ जिले में तमाम पुलिस वर्ग नवरात्र पंडालों सड़क चौराहों की सुरक्षा पर तैनात रहेंगे वहीं माफिया नदी नालों में रेत खोदने में मस्त रहेंगे फिलहाल किस्सू की रेकी और प्रकाश की सेटिंग ने ऐसा गठडजोड बनाया की पप्पू पास हो गया।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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