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स्कूल में फटकार से डरा छात्र—52 बार “सॉरी” लिखकर तीन मंजिल से कूदकर जान दी

student suicide case

एक दर्दनाक घटना में एक स्कूली छात्र ने मानसिक दबाव के चलते तीन मंजिला इमारत से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। मामला उस समय हुआ जब छात्र को क्लास में हुई गलती की सजा के रूप में 52 बार “SORRY” लिखने के लिए कहा गया था। साथ ही, शिक्षक ने उसे सस्पेंड करने की चेतावनी भी दी थी, जिससे बच्चा बेहद घबरा गया। यह अनुशासनात्मक कार्रवाई उसके लिए बेहद भारी साबित हुई।

जानकारी के मुताबिक, छात्र के पिता उसी समय स्कूल में मौजूद थे। किसी काम से वे प्रशासनिक कार्यालय में बैठे हुए थे। तभी अचानक बाहर से तेज शोर सुनाई दिया, जिसके बाद वे घबराकर बाहर दौड़े। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि उनका बेटा जमीन पर गंभीर हालत में पड़ा है। पूछने पर छात्र ने टुटती आवाज़ में बताया कि मैडम ने उसे सस्पेंड करने की बात कही थी, इसलिए वह डर गया और यह कदम उठा लिया।

घटना के बाद स्कूल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर छात्र के परिवार ने आरोप लगाया कि शिक्षक का व्यवहार अनुकूल नहीं था और बच्चे पर अनावश्यक मानसिक दबाव डाला गया, वहीं दूसरी ओर स्कूल ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है।

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इस उम्र में बच्चे भावनात्मक रूप से काफी संवेदनशील होते हैं। दंड या धमकी का असर उनके मन पर गहरा पड़ सकता है। कई बार छोटे-छोटे दंड मानसिक तनाव का रूप ले लेते हैं, और बच्चे घबराहट में गलत फैसले ले लेते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि स्कूलों में छात्रों से संवाद बढ़ाना और उनके आचरण के अनुसार संतुलित एवं सकारात्मक अनुशासनिक तरीके अपनाना जरूरी है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और स्कूल स्टाफ से पूछताछ जारी है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बच्चे को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। यह घटना फिर एक बार स्कूलों में अनुशासनात्मक तरीकों की संवेदनशीलता को उजागर करती है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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