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धार में किसानों का जोरदार प्रदर्शन

MP farmers protest

हाईवे जाम कर MSP कानून की उठाई मांग

मध्यप्रदेश के धार जिले में सोमवार को किसानों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा जब चार जिलों—धार, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी—से आए 5 हजार से अधिक किसान हाईवे पर बैठ गए। एमएसपी की कानूनी गारंटी, फसल लागत के अनुसार मूल्य निर्धारण और कर्ज माफी जैसे मुद्दों को लेकर किसानों ने पेड़ और लकड़ियाँ सड़क पर रखकर हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से खेती लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन फसलों का दाम स्थिर है। किसान नेता ने बताया कि “MSP की गारंटी न मिलने से हर सीजन नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार को कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए ठोस नीति लानी होगी।” किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन अगले चरण में और उग्र हो सकता है।

स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और किसानों से चर्चा करने की कोशिश की, लेकिन किसान प्रतिनिधियों ने साफ कहा कि वे लिखित आश्वासन के बिना हाईवे नहीं छोड़ेंगे। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की और भारी पुलिस बल तैनात किया ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

इस दौरान महिलाएं और बुजुर्ग किसान भी बड़ी संख्या में पहुंचे और उन्होंने पारंपरिक ढोल-मांदल के साथ आंदोलन में भाग लिया। किसानों ने बताया कि सरकार की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच रहा है, और मंडियों में फसलों की उचित खरीद नहीं होती।

किसानों ने यह भी मांग रखी कि समर्थन मूल्य तय करने से पहले किसान संगठनों से चर्चा की जाए और जल–सिंचाई सुविधाओं को बेहतर किया जाए। हाईवे जाम के कारण कई यात्री और ट्रक चालक परेशानी में रहे, लेकिन किसानों ने कहा कि “हम सबके लिए अन्न उगाते हैं, लेकिन हमारे अपने घर में ही संकट है।”

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि किसानों की मांगों पर रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजी जाएगी, वहीं किसान तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं जब तक MSP पर कानूनी निर्णय नहीं हो जाता।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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