दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

सदन में गूंजा सिंगरौली का जंगल कटाई मुद्दा, खनन आवंटन पर सरकार घिरी

Singrauli, Tree Cutting

कांग्रेस ने अडाणी समूह को खदानें देने पर उठाए सवाल

मध्यप्रदेश विधानसभा में सिंगरौली जिले में बड़े पैमाने पर हो रही पेड़ कटाई को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने सदन में आरोप लगाया कि अडाणी समूह को खदानें दिए जाने के कारण जंगलों का तेजी से सफाया किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि खनन परियोजनाओं के नाम पर हजारों पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है।

कांग्रेस विधायकों ने प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूछा कि सिंगरौली क्षेत्र में जारी कोयला खनन परियोजनाओं के लिए अब तक कितने पेड़ काटे जा चुके हैं और इसके बदले कितने नए पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या खदान आवंटन से पहले पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन की सभी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं या नहीं। कांग्रेस का आरोप था कि सरकार कारपोरेट हितों के सामने पर्यावरण संतुलन की अनदेखी कर रही है।

विपक्ष के तीखे सवालों पर संबंधित मंत्री संतोषजनक और स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। उन्होंने केवल यह कहा कि सभी खनन परियोजनाएं नियमानुसार स्वीकृत हैं और पेड़ कटाई के बदले पौधारोपण किया जा रहा है, लेकिन कितने पेड़ काटे गए और कितने लगाए गए, इसका ठोस ब्योरा सदन में पेश नहीं किया जा सका। इस पर कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर जानकारी छिपाने और जनभावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाया।

सिंगरौली को प्रदेश का प्रमुख ऊर्जा केंद्र माना जाता है, जहां बड़ी-बड़ी कोयला खदानें और ताप विद्युत परियोजनाएं संचालित हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि लगातार हो रही कटाई से वन्यजीवों का आवास नष्ट हो रहा है, भूजल स्तर गिर रहा है और प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जब तक रिपोर्ट सामने न आए, तब तक नई खनन स्वीकृतियों पर रोक लगाई जाए।

सरकार ने मामले पर लिखित जवाब देने का आश्वासन दिया है, वहीं विपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाता रहेगा।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!