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तौल प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर बाजरा क्रय केंद्र पर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा।

1. किसान आक्रोश का विस्फोट

खरीद केंद्र बना विवाद का केंद्र

आगरा जिले के खेरागढ़ स्थित गल्ला मंडी के बाजरा क्रय केंद्र पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब किसानों ने खरीद प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी के आरोप लगाए। सुबह-सुबह ही बड़ी संख्या में किसान मंडी पहुंचे और केंद्र प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

अवैध तौल और वसूली का आरोप

किसानों का आरोप है कि गोदाम के शटर बंद कर अंदर ही अंदर बाजरे की तौल की जा रही थी। इसके अलावा प्रति कुंतल 200 रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी। किसानों ने कहा कि विरोध करने पर कर्मचारियों द्वारा बदसलूकी भी की जाती थी।

प्रशासन हरकत में

सूचना मिलते ही एसडीएम ऋषि राव और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गोदाम को सील करने के निर्देश दिए गए और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।


2. मंडी में तौल घोटाले के आरोप

किसानों का भरोसा टूटा

बाजरा क्रय केंद्र पर पारदर्शिता की उम्मीद लेकर पहुंचे किसानों को उस समय निराशा हाथ लगी, जब उन्हें खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना है कि सरकारी नियमों को ताक पर रखकर खरीद की जा रही थी।

शटर बंद, तौल चालू

आरोप है कि बाहर यह दर्शाया गया कि खरीद बंद हो चुकी है, जबकि अंदर गोदाम में शटर बंद कर तौल जारी थी। प्राइवेट कट्टों से सरकारी कट्टों में बाजरा भरने की भी शिकायत सामने आई।

जांच के आदेश

एसडीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए बाजरे से भरे गोदाम को सील करा दिया। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।


3. किसान बनाम मंडी प्रशासन

तीखी झड़प का माहौल

विरोध प्रदर्शन के दौरान मंडी निरीक्षक विकास जयंत और उनके निजी सहायक से किसानों की तीखी झड़प हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।

पुलिस की तैनाती

किसानों की बढ़ती भीड़ और आक्रोश को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से मंडी निरीक्षक को कार्यालय में सुरक्षित रखा गया।

राजनीतिक समर्थन

भाजपा किसान मोर्चा और कांग्रेस नेताओं ने भी किसानों के समर्थन में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की मांग की।


4. खरीद लक्ष्य बना सवाल

20 हजार कुंतल की खरीद

किसानों का दावा है कि अब तक लगभग 20 हजार कुंतल बाजरे की खरीद हो चुकी है। इसके बावजूद खरीद बंद दिखाकर अंदर गुपचुप तौल जारी रखी गई।

पोस्टर बनाम हकीकत

मंडी में पोस्टर चस्पा कर लक्ष्य पूरा होने की बात कही गई, लेकिन किसानों का आरोप है कि यह सिर्फ दिखावा था।

प्रशासनिक सख्ती

मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए गोदाम सील कर दिया।


5. किसानों का दर्द और गुस्सा

मेहनत की फसल पर चोट

किसानों का कहना है कि महीनों की मेहनत से उगाई गई फसल को बेचने में भी उन्हें रिश्वत देनी पड़ रही है, जो बेहद दुखद है।

अवैध वसूली का विरोध

प्रति कुंतल 200 रुपये की मांग ने किसानों को आक्रोशित कर दिया। उनका कहना है कि यह खुली लूट है।

न्याय की मांग

किसानों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पारदर्शी खरीद व्यवस्था की मांग की है।


6. राजनीति भी हुई सक्रिय

किसान मोर्चा का विरोध

भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने क्रय केंद्र पहुंचकर मंडी निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस का समर्थन

कांग्रेस जिलाध्यक्ष भी किसानों के समर्थन में मौके पर पहुंचे और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।

सियासी हलचल

घटना के बाद स्थानीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।


7. जांच के बाद खुलेगा सच

उच्च अधिकारियों की एंट्री

सूत्रों के अनुसार उच्च अधिकारियों के भी मौके पर पहुंचने की सूचना है। प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है।

किसानों की नजर प्रशासन पर

किसान अब जांच रिपोर्ट और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

भविष्य की उम्मीद

किसानों को उम्मीद है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और आगे ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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