अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को गिरफ्तार कर लिया है। 2 से 3 जनवरी की दरमियानी रात अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर हमला किया। राजधानी में रात के करीब 2 बजे कई बड़े विस्फोट हुए।

पहली बार नहीं है कि अमेरिका ने किसी दूसरे देश में घुसकर ऐसी कोई कार्रवाई की हो। अमेरिेका ने पाकिस्तान के एबटाबाद में अल-कायदा नेता ओसामा बिन लादेन को इसी तरह मार गिराया था। वहीं इस बार अमेरिकी सेना वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अपने साथ ही पकड़ कर ले गई।

150 जेट से किया वेनेजुएला पर हमला

वेनेजुएला के राष्ट्रपति को हिरासत में लेने के लिए 150 जेट का इस्तेमाल किया। इस अभियान में बी-1 लांसर्स, एफ-22 रैप्टर्स, एफ-35 लाइटनिंग II, एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट्स, ईए-18 ग्रोवलर और ई-2 हॉकआई जैसे युद्धक विमानों का इस्तेमाल किया गया था।

आरक्यू-170 सेंटिनल ड्रोन, जिसे व्रैथ या कंधार का दानव नाम से जाना जाता है, एक अमेरिकी मानवरहित हवाई वाहन है। इसका उपयोग खुफिया कामों जैसे निगरानी, लक्ष्य निर्धारण और टोही (आईएसटीएआर) मिशनों के लिए किया जाता है। इस स्टील्थ विमान को केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) की ओर से संयुक्त राज्य वायु सेना (यूएसएएफ) द्वारा संचालित किया जाता है।

CIA ने रखी पैनी नजर

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीआईए की एक छोटी टीम अगस्त 2025 से ही वेनेजुएला में तैनात थी, जिसने मादुरो की रोजमर्रा की जिंदगी के बारे में जानकारी इकट्ठा की, जिससे अमेरिकी सेना के लिए मादुरो को पकड़ना आसान हो गया।

खुफिया एजेंसी का एक करीबी सूत्र भी था जो निकोलस मादुरो की गतिविधियों पर नजर रखता था। इस करीबी सूत्र ने ही ऑपरेशन के दौरान मादुरो की सटीक लोकेशन भी बताई।